Everlasting Smile Wisdom

Be the reason for a million smiles but never be a reason for even a single grudge

poem

दुनिया है मेरी…

world

तेरे ही सपनों की,

 बिखरी  वो  रातों में ,

बारिश के बूंदों सी ,

 भीगी वो  यादों में ,

बहती सी दुनिया है मेरी…

 बोझल सांसों में ,

लिपटी दुआओं में

टुकड़ा- टुकड़ा जमा की हुई

 हजारों ख्वाईशो  में ,

महकी सी दुनिया है मेरी…

 तीसरी  अंगूठी ,

और कान की बाली में ,

ठहरी सी दुनिया है मेरी…

 कुछ सुने हुए तेरे लब्ज़ ,

 और लिखे हुए मेरे एहसासों में ,

सिमटी सी दुनिया है मेरी..

 तेरे हाथों से शुरू होती,

 और कंधे पे  खत्म हो जाती,

 दोनों दिलों से मिल जाती,

 छोटी सी दुनिया है मेरी…

6 Comments

  1. How beautifully u wrote this 👌👌👌
    Main tera janta Fan ho gaya 😊
    Similar to my writing 👌👌👌

  2. Had to translate it with Google translator – still a wonderful poem 🙂
    All the best, dear friend 🙂
    Didi

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